Solar Subsidy 2026: बिजली का बिल कम करने के लिए घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए सरकारी सब्सिडी एक बड़ी मदद हो सकती है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगवाने पर आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
4 अगस्त 2026 को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत देश में 50 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके थे। सरकार का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 तक एक करोड़ घरों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। इस बीच, कुछ राज्य केंद्र की सहायता के अलावा अपनी ओर से भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रहे हैं। ऐसे में सोलर पैनल लगवाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आवेदन कैसे करना है, कितनी सहायता मिल सकती है और किन शर्तों को पूरा करना होगा।
रूफटॉप सोलर सब्सिडी के लिए कितने रुपये मिलते हैं?

पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता सोलर सिस्टम की क्षमता पर निर्भर करती है। सामान्य राज्यों में पहले 2 किलोवाट तक की क्षमता के लिए प्रति किलोवाट ₹30,000 और इसके बाद तीसरे किलोवाट के लिए ₹18,000 की सहायता निर्धारित है। इस तरह 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता वाले पात्र सिस्टम पर अधिकतम केंद्रीय सब्सिडी ₹78,000 तक हो सकती है। विशेष श्रेणी के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सहायता की दर अलग है। वहां पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को अधिकतम ₹85,800 तक केंद्रीय सहायता मिल सकती है। वास्तविक लाभ सिस्टम की पात्र क्षमता और योजना के लागू नियमों पर निर्भर करता है।
| सोलर सिस्टम की क्षमता | सामान्य राज्यों में केंद्रीय सहायता |
|---|---|
| 1 किलोवाट | ₹30,000 |
| 2 किलोवाट | ₹60,000 |
| 3 किलोवाट | ₹78,000 |
| 3 किलोवाट से अधिक | अधिकतम ₹78,000 |
यह राशि सोलर सिस्टम की पूरी कीमत नहीं है। उपभोक्ता को स्थापना की कुल लागत में से सब्सिडी घटाने के बाद बची रकम का भुगतान करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में अतिरिक्त सब्सिडी
सोलर पैनल लगवाने वालों के लिए केवल केंद्र की सहायता ही नहीं, बल्कि राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली अतिरिक्त रकम भी महत्वपूर्ण हो सकती है। 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को केंद्र की सब्सिडी के अतिरिक्त ₹15,000 प्रति किलोवाट की राज्य सहायता मिल सकती है। इसकी अधिकतम सीमा ₹30,000 बताई गई है। रिपोर्ट में उत्तराखंड, लद्दाख, दिल्ली और कुछ अन्य राज्यों की अतिरिक्त सहायता का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, राज्य की सहायता हर जगह एक जैसी नहीं है। इसके लिए अलग पात्रता, लागू नियम और उपलब्धता हो सकती है। इसलिए अपने राज्य में मिलने वाली कुल सब्सिडी का हिसाब लगाने से पहले संबंधित सरकारी विभाग या बिजली वितरण कंपनी से जानकारी लेना जरूरी है।
रूफटॉप सोलर सब्सिडी कैसे प्राप्त करें? आवेदन की पूरी प्रक्रिया

पीएम सूर्य घर योजना में आवेदन करने के लिए सरकार का आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल किया जा सकता है। आवेदन से लेकर सिस्टम लगवाने और सब्सिडी प्राप्त करने तक की प्रक्रिया को इन चरणों में समझें।
- आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण करें: सबसे पहले पीएम सूर्य घर योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। यहां अपने घरेलू बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी के आधार पर पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करें।
- बिजली कनेक्शन का विवरण भरें: आवेदन के दौरान राज्य, बिजली वितरण कंपनी और उपभोक्ता संख्या जैसी जानकारी मांगी जा सकती है। विवरण भरते समय अपने बिजली बिल को सामने रखें, ताकि जानकारी में गलती न हो।
- आवेदन जमा करके आगे की मंजूरी लें: पंजीकरण पूरा होने के बाद पोर्टल पर मांगी गई जानकारी के अनुसार आवेदन जमा करें। सिस्टम लगवाने से पहले जरूरी मंजूरी और संबंधित बिजली वितरण कंपनी के निर्देशों का पालन करें।
- पंजीकृत विक्रेता से सोलर सिस्टम लगवाएं: आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ने पर पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकृत विक्रेता का चयन करें। सिस्टम की क्षमता और स्थापना से जुड़ी शर्तें पहले समझ लें। बिना नियमों की पुष्टि किए किसी भी विक्रेता को भुगतान करने से बचें।
- स्थापना के बाद जरूरी जानकारी जमा करें: सोलर पैनल लगने के बाद पोर्टल पर स्थापना से जुड़ी जानकारी और जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं। इसके बाद लागू प्रक्रिया के अनुसार संबंधित बिजली वितरण कंपनी की जांच, मीटर और सिस्टम चालू करने की औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।
- सब्सिडी के लिए अनुरोध पूरा करें: स्थापना और जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पोर्टल पर सब्सिडी के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करें। बैंक खाते का विवरण सही होना चाहिए। जांच और मंजूरी के बाद पात्र सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
सब्सिडी पाने के लिए कौन पात्र है?
पीएम सूर्य घर योजना मुख्य रूप से घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए है। योजना का लाभ लेने के लिए स्थानीय बिजली वितरण कंपनी से जुड़ा घरेलू बिजली कनेक्शन होना चाहिए और सोलर सिस्टम को निर्धारित नियमों के अनुसार लगवाना जरूरी है। केवल आवेदन करने से सब्सिडी मिलना तय नहीं होता। उपभोक्ता को योजना की शर्तें पूरी करनी होती हैं और स्थापना से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं भी पूरी करनी पड़ती हैं।
आवेदन करने से पहले इन बातों पर ध्यान दें:
- बिजली कनेक्शन घरेलू श्रेणी का होना चाहिए।
- आवेदन में बिजली उपभोक्ता संख्या और अन्य जानकारी सही दर्ज करें।
- योजना के पोर्टल पर उपलब्ध पंजीकृत विक्रेता का चयन करें।
- सोलर सिस्टम की स्थापना लागू तकनीकी नियमों के अनुसार कराएं।
- बैंक खाते का विवरण सही रखें।
- राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता के लिए अलग शर्तें हों तो उनकी पुष्टि करें।
सब्सिडी का पैसा बैंक खाते में कब आएगा?
सोलर सिस्टम लग जाने के तुरंत बाद सब्सिडी मिलने की गारंटी नहीं होती। पहले आवेदन, स्थापना, जरूरी विवरण और संबंधित सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होती है। इसके बाद पात्रता और दस्तावेज सही पाए जाने पर सहायता जारी की जाती है। यदि आवेदन में कोई कमी है या बैंक खाते का विवरण गलत है, तो भुगतान में देरी हो सकती है। ऐसे में आवेदक को आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन की स्थिति देखनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर संबंधित बिजली वितरण कंपनी से संपर्क करना चाहिए।
योजना से संबंधित जानकारी, आवेदन की स्थिति और सहायता के लिए आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित तरीका है। पोर्टल पर रूफटॉप सोलर से जुड़ी शिकायतों और तकनीकी समस्याओं के लिए संपर्क विवरण भी उपलब्ध हैं।
सोलर पैनल लगवाने से पहले लागत का हिसाब जरूर लगाएं
सब्सिडी मिलने के बाद भी उपभोक्ता को सोलर सिस्टम की पूरी लागत का आकलन करना चाहिए। अलग-अलग क्षमता वाले सिस्टम की कीमत एक जैसी नहीं होती। उपकरण, स्थापना और अन्य जरूरी कामों के कारण कुल खर्च में अंतर हो सकता है। इसलिए केवल सब्सिडी की रकम देखकर सिस्टम का चयन न करें। पहले अपने घर की बिजली खपत और जरूरत के हिसाब से उपयुक्त क्षमता तय करें। फिर विक्रेता से लागत का विवरण लें और उसमें लागू केंद्रीय तथा राज्य सहायता को अलग-अलग समझें।
सरकार की योजना का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए छत पर सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना और बिजली खर्च कम करने में मदद करना है। लेकिन हर घर में मिलने वाला वास्तविक लाभ बिजली की खपत, सिस्टम की क्षमता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।
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