भारत में बन रहे 10 नए एक्सप्रेसवे की लिस्ट, इन शहरों के बीच घटेगी दूरी, जानें पूरा रूट और अपडेट

Harsh Nigam
Harsh Nigam
Published on ·
Prefer OpenBenefit
on Google

भारत में बन रहे 10 नए एक्सप्रेसवे की लिस्ट, इन शहरों के बीच घटेगी दूरी, जानें पूरा रूट और अपडेट

केंद्र सरकार देश के अलग-अलग हिस्सों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही है। इनमें कुछ एक्सप्रेसवे हैं, तो कुछ एक्सेस-कंट्रोल्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर हैं। इनका उद्देश्य शहरों के बीच यात्रा का समय कम करना और माल ढुलाई को आसान बनाना है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मार्च 2026 के संसदीय जवाब में कई ऐसी परियोजनाओं की जानकारी दी गई है, जो निर्माण या मंजूरी के अलग-अलग चरणों में हैं। आइए जानते हैं देश के 10 प्रमुख नए एक्सप्रेसवे और कॉरिडोर के बारे में।

भारत में बन रहे 10 नए एक्सप्रेसवे की लिस्ट

नीचे दी गई सूची में उन प्रमुख परियोजनाओं को शामिल किया गया है, जिनसे आने वाले समय में कई राज्यों की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।

क्रमएक्सप्रेसवे या कॉरिडोरलंबाई
1दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे1,445 किमी
2दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे680 किमी
3अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर1,070 किमी
4रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे465 किमी
5बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे262 किमी
6वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर639 किमी
7नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर401 किमी
8इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर527 किमी
9सूरत-नासिक-अहमदनगर-सोलापुर कॉरिडोर719 किमी
10खड़गपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर235 किमी

नोट: ये मंत्रालय के परियोजना विवरण में दिए गए मार्गों की लंबाई हैं। सभी परियोजनाएं एक जैसी स्थिति में नहीं हैं। कुछ पर निर्माण चल रहा है, जबकि कुछ के हिस्से अभी मंजूरी या ठेका प्रक्रिया में हैं।

इन 10 एक्सप्रेसवे से किन शहरों को मिलेगा फायदा?

1. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे

करीब 1,445 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे दिल्ली और मुंबई के बीच सीधा सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके रास्ते में हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे राज्य आते हैं। इसके पूरा होने से दोनों महानगरों के बीच यात्रा और माल ढुलाई आसान होने की उम्मीद है।

2. दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से अमृतसर होते हुए कटरा तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के यात्रियों को फायदा मिलेगा। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा जाने वाले लोगों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है।

3. अमृतसर-जामनगर कॉरिडोर

करीब 1,070 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के क्षेत्रों को जोड़ेगा। इससे औद्योगिक क्षेत्रों और व्यापारिक केंद्रों के बीच माल पहुंचाना आसान हो सकता है।

4. रायपुर-विशाखापत्तनम एक्सप्रेसवे

यह लगभग 465 किलोमीटर लंबा मार्ग छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करेगा। रायपुर से विशाखापत्तनम जाने वाले यात्रियों और व्यापारियों को इसका लाभ मिल सकता है।

5. बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे

करीब 262 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ेगा। बेंगलुरु और चेन्नई के बीच सड़क यात्रा तेज होने के साथ औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मदद मिल सकती है।

6. वाराणसी-रांची-कोलकाता कॉरिडोर

करीब 639 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा। इससे वाराणसी, रांची और कोलकाता के बीच आवागमन बेहतर हो सकता है। पूर्वी भारत में व्यापार और परिवहन के लिए भी यह महत्वपूर्ण परियोजना है।

7. नागपुर-विजयवाड़ा कॉरिडोर

लगभग 401 किलोमीटर लंबा यह मार्ग महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के बीच संपर्क बेहतर बनाने के लिए विकसित किया जा रहा है। इससे मध्य भारत और दक्षिण भारत के बीच सड़क परिवहन को फायदा मिल सकता है।

8. इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर

करीब 527 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेगा। इसके बनने से इंदौर और हैदराबाद के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है।

9. सूरत-नासिक-अहमदनगर-सोलापुर कॉरिडोर

यह करीब 719 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर गुजरात और महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों को जोड़ेगा। इससे व्यापार, उद्योग और माल ढुलाई के लिए बेहतर सड़क मार्ग उपलब्ध हो सकता है।

10. खड़गपुर-सिलीगुड़ी कॉरिडोर

करीब 235 किलोमीटर लंबी यह परियोजना पश्चिम बंगाल के खड़गपुर और सिलीगुड़ी के बीच सड़क संपर्क बेहतर करने के लिए प्रस्तावित है। इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन को सुविधा मिल सकती है।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं का काम कितना आगे बढ़ा है?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 12 मार्च 2026 की जानकारी के अनुसार, इन परियोजनाओं में कुछ पर निर्माण चल रहा है, कुछ आंशिक रूप से पूरी हुई हैं और कुछ अभी ठेका आवंटन के चरण में हैं।

वहीं, 22 जुलाई 2026 को सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, देशभर में राष्ट्रीय हाई-स्पीड कॉरिडोर और ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की कुल 10,389 किलोमीटर लंबाई के काम को ठेका दिया जा चुका था। इसमें से 4,809 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका था और 5,580 किलोमीटर पर निर्माण जारी था।

इससे पता चलता है कि देश में सड़क नेटवर्क का विस्तार तेजी से हो रहा है। हालांकि, हर परियोजना के पूरा होने की तारीख अलग-अलग हो सकती है।

नए एक्सप्रेसवे बनने से आम लोगों को क्या फायदा होगा?

इन परियोजनाओं का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। इनके आसपास के छोटे शहरों और व्यापारिक क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिल सकता है।

मुख्य फायदे इस प्रकार हैं:

  • कम समय में यात्रा: बेहतर सड़क मार्ग से कई शहरों के बीच सफर का समय कम हो सकता है।
  • ईंधन की बचत: बिना बार-बार रुकावट वाले मार्गों पर वाहन चलाने से ईंधन की खपत कम हो सकती है।
  • व्यापार को बढ़ावा: सामान को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाना आसान हो सकता है।
  • पर्यटन में मदद: धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच बेहतर हो सकती है।
  • रोजगार के अवसर: निर्माण और आसपास विकसित होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों से रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

एक्सप्रेसवे का विस्तार क्यों जरूरी है?

मेरी नजर में किसी भी देश के विकास में बेहतर सड़क नेटवर्क की बड़ी भूमिका होती है। जब दो शहरों के बीच आवागमन आसान होता है, तो केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि व्यापारियों, किसानों और उद्योगों को भी फायदा मिलता है।

हालांकि, इन परियोजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब निर्माण समय पर पूरा हो और आम लोगों के लिए सड़कें चालू हो जाएं। इसलिए केवल एक्सप्रेसवे की घोषणा नहीं, बल्कि उसके निर्माण और चालू होने की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।

Category:
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Nigam

मैं हर्ष निगम, वर्तमान में SpeedMatter में लेखक और एडिटर के रूप में जिम्मेदारी संभालता हूँ। मैंने सिध्हार्थ यूनिवर्सिटी कपिलवस्तु से सोशल साइंस और हिंदी विषय में बी.एससी. की पढ़ाई की है मुझे ऑटोमोबाइल, नई गाड़ियों, सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी...

View Profile

Leave a Comment