Old Age Pension Scheme 2026: देश के करोड़ों बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन आर्थिक सहारे का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। केंद्र सरकार की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को हर महीने सहायता दी जाती है। लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच पेंशन की राशि बढ़ाने की मांग भी लगातार उठ रही है। इसी बीच सरकार ने जुलाई 2026 में संसद में बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के तहत मिलने वाली केंद्रीय पेंशन की दरों में बदलाव का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
इस योजना में 60 से 79 वर्ष की आयु के पात्र बुजुर्गों को केंद्र सरकार से 200 रुपये प्रतिमाह और 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को 500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। हालांकि, राज्य सरकारें अपनी तरफ से अतिरिक्त राशि भी देती हैं। इसलिए लाभार्थियों को मिलने वाली कुल पेंशन उनके राज्य की व्यवस्था पर निर्भर करती है।
2026 में वृद्धावस्था पेंशन को लेकर क्या है नया अपडेट?

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को लोकसभा में दी गई जानकारी में बताया कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन की केंद्रीय सहायता दरों में पिछला संशोधन वर्ष 2012 में हुआ था। सरकार के मुताबिक, इन योजनाओं के माध्यम से 3 करोड़ से अधिक पात्र लोगों को सहायता दी जा रही है। राज्यों की अपनी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से भी लगभग 5.9 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को सहायता मिलती है।
सरकारी जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया कि केंद्रीय सहायता बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसका मतलब है कि पेंशन बढ़ने की खबरों को सरकारी आदेश के बिना सही नहीं माना जाना चाहिए।
पेंशन की वर्तमान दर कितनी है?
| लाभार्थी की आयु | केंद्र सरकार की मासिक सहायता | सालाना राशि |
|---|---|---|
| 60 से 79 वर्ष | ₹200 | ₹2,400 |
| 80 वर्ष या उससे अधिक | ₹500 | ₹6,000 |
ये दरें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के लिए केंद्रीय सहायता की हैं। राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली अतिरिक्त राशि इसमें शामिल नहीं है।
2.21 करोड़ बुजुर्गों तक पहुंच रही योजना
सरकार की ओर से नवंबर 2025 में जारी जानकारी के अनुसार, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत लगभग 2.21 करोड़ बुजुर्ग लाभार्थी शामिल थे। यह योजना राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए अलग-अलग योजनाएं चलाई जाती हैं।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत केवल वृद्धावस्था पेंशन ही नहीं, बल्कि विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, परिवार को एकमुश्त सहायता और कुछ पात्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए अन्नपूर्णा योजना भी शामिल हैं।
वित्तीय सहायता के वितरण की जिम्मेदारी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की होती है। केंद्र सरकार निर्धारित नियमों के अनुसार धनराशि उपलब्ध कराती है, जबकि लाभार्थियों तक भुगतान पहुंचाने का काम संबंधित राज्य की व्यवस्था के माध्यम से होता है।
राज्य सरकार की पेंशन से कैसे बढ़ती है कुल राशि?
केंद्रीय पेंशन की राशि कम होने के कारण कई राज्यों ने अपनी तरफ से अतिरिक्त सहायता देने की व्यवस्था की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय की 21 जुलाई 2026 की जानकारी के अनुसार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से अलग-अलग योजनाओं में मिलने वाली अतिरिक्त सहायता 50 रुपये से 5,700 रुपये प्रतिमाह तक थी। कुछ राज्यों में केंद्रीय और राज्य सहायता मिलाकर औसत मासिक पेंशन लगभग 1,100 रुपये तक पहुंचती है।
इस अंतर को समझने के लिए ये बातें ध्यान रखें:
- केंद्र सरकार की सहायता पूरे देश के लिए निर्धारित केंद्रीय दरों के अनुसार होती है।
- राज्य सरकार अपनी आर्थिक और नीतिगत व्यवस्था के अनुसार अतिरिक्त राशि दे सकती है।
- हर राज्य में पेंशन की कुल राशि एक जैसी नहीं होती।
- किसी राज्य में अधिक पेंशन मिलने का मतलब यह नहीं है कि केंद्र सरकार ने पूरे देश के लिए पेंशन बढ़ा दी है।
इसलिए पेंशन की सही राशि जानने के लिए अपने राज्य के सामाजिक कल्याण या पेंशन विभाग की जानकारी देखना जरूरी है।
योजना का लाभ लेने के लिए कौन पात्र है?
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए केवल 60 वर्ष की उम्र पूरी करना पर्याप्त नहीं है। योजना में आर्थिक स्थिति से जुड़ी पात्रता भी महत्वपूर्ण है।
मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:
- आवेदक की आयु कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए।
- आवेदक का परिवार निर्धारित गरीबी रेखा से नीचे यानी BPL श्रेणी में होना चाहिए।
- संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश के लागू नियमों के अनुसार पात्रता पूरी होनी चाहिए।
- आवेदन और लाभार्थी के चयन की प्रक्रिया संबंधित राज्य की व्यवस्था के अनुसार पूरी होती है।
इन शर्तों के आधार पर पात्रता की जांच की जाती है। केवल आवेदन करने से पेंशन स्वीकृत होने की गारंटी नहीं होती।
आवेदन कैसे करें और पेंशन की स्थिति कहां देखें?
योजना के लिए आवेदन करने वाले बुजुर्ग अपने राज्य के संबंधित पेंशन विभाग या सरकारी सेवा केंद्र से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का आधिकारिक पोर्टल भी योजना संबंधी जानकारी के लिए उपयोगी है।
आवेदन करने से पहले इन बातों की जांच करें:
- आपके राज्य में आवेदन की प्रक्रिया क्या है।
- आवेदन ऑनलाइन करना है या संबंधित कार्यालय के माध्यम से।
- कौन से दस्तावेज जमा करने हैं।
- आवेदन स्वीकृत हुआ है या नहीं।
- पेंशन भुगतान की स्थिति कहां देखी जा सकती है।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रिया राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए बिना पुष्टि के किसी एक राज्य के नियम को पूरे देश पर लागू नहीं मानना चाहिए।
वृद्धावस्था पेंशन का बजट कितना है?
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट विश्लेषण में राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए 6,905 करोड़ रुपये का आवंटन दर्ज किया गया है। यह आवंटन योजना के लिए निर्धारित वित्तीय प्रावधान को दर्शाता है, न कि प्रत्येक लाभार्थी को मिलने वाली मासिक राशि में बढ़ोतरी को।
बजट में राशि का प्रावधान और लाभार्थियों की पेंशन दर में संशोधन दो अलग बातें हैं। इसलिए केवल बजट आवंटन बढ़ने या योजना के लिए धनराशि निर्धारित होने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि हर बुजुर्ग की पेंशन बढ़ गई है।
बुजुर्गों के लिए सबसे जरूरी बात
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को केंद्रीय सहायता के रूप में 200 रुपये या 500 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। राज्य सरकारें अपनी तरफ से अतिरिक्त राशि दे सकती हैं, जिससे कुल पेंशन अलग-अलग हो सकती है।
जुलाई 2026 में सरकार ने केंद्रीय सहायता दर बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं होने की जानकारी दी थी। इसलिए पेंशन में नई बढ़ोतरी की उम्मीद रखने वाले लाभार्थियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। आवेदन, पात्रता और भुगतान से जुड़ी जानकारी के लिए संबंधित राज्य के सरकारी विभाग से पुष्टि करना सबसे सही तरीका है।
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